
Endocrinology and Diabetes Date: 07 Jan 2026
डायबिटीज या मधुमेह आज के समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है,कई लोग इस बीमारी से पीड़ित है और उनकी संख्या बढ़ती जा रही है ।डायबिटीज में शरीर में ब्लड शुगर की अवस्था सामान्य से अधिक हो जाता है । यह रोग न केवल आपके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करता है बल्कि गंभीर जटिलताओं का कारण भी बन सकता है । डायबिटीज के बारे में और जानकारी के लिए बेस्ट diabetes doctor in Mohali के पास सलाह के ले जाएं ।
डायबिटीज एक मेटाबॉलिक रोग है जिसमें शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता । इस रोग में इंसुल का उत्पादन भी काम हो जाता । इंसुलिन एक हार्मोन है जो हमारे शरीर में ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलने का काम करता है,जब यह प्रक्रिया ठीक से नहीं तो रक्त में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं ।
डायबिटीज आम तौर पर दो प्रकार की होती है । यह दो प्रकार है:
डायबिटीज के लक्षणों को पहचान बहुत ही महत्वपूर्ण है ताकि इसका उचित रूप से उपचार किया जा सके । सामान्य लक्षण इस प्रकार है:
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डायबिटीज के विकास में कई कारण योगदान करते हैं ।जब शरीर मैं अतिरिक्त वसा होती है विशेष रूप से पेट तो यह इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ावा देती है । अनुवांशिकता भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है यदि आपके परिवार में से किसी को डायबिटीज रहा है तो आपका जोखिम बढ़ जाता है, इसके अलावा, शरीर की गतिविधियों में कमी, अनियमित और खराब खानपान ,अधिक शक्कर युक्त पदार्थ का सेवन, तनाव ,नींद और बढ़ती उम्र भी जोखिम कारक होती है ।
डायबिटीज का सही निदान करने के लिए डायबिटीज टेस्ट उपलब्ध है । जैसे फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट में रात भर उपवास के बाद रक्त मैं ब्लड शुगर का मापा जाता है । सामान्य स्तर 100mg/dL से कम होता है, जबकि 126mg/dL या अधिक डायबिटीज का संकेत देता है । HbA1c पिछले दो-तीन महीना के औसत ब्लड शुगर के स्तर को दर्शाता है । 5.7 % से कम माना जाता है और 6.5% से अधिक डायबिटीज की पुष्टि करता है । रेंडम ब्लड शुगर टेस्ट किसी भी समय किया जा सकता है और लोक ग्लूकोस टोलरेंस टेस्ट भी एक महत्वपूर्ण परीक्षण है जो यह पता लगता है कि शरीर ग्लूकोज को कैसे और कितना संसाधित करता है ।
अनियंत्रित डायबिटीज कहीं जटिलताओं का कारण बनती है जैसे:
हमारा अस्पताल नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है। क्लियरमेडी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल से लेकर नांदेड़ में क्लियरमेडी मोनार्क कैंसर हॉस्पिटल तक, ग्वालियर में क्लियरमेडी परिधि मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल से लेकर नोएडा में प्राइमकेयर क्लियरमेडी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल तक, विशेषज्ञ देखभाल उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, क्लियरमेडी डी.एम.एच मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, वाराणसी; क्लियरमेडी बहारा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, खरड़; और रेडिएंट हॉस्पिटल, मैसूर में 24 घंटे सेवा उपलब्ध है। डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है लेकिन उच्च प्रबंधन और जीवन शैली में बदलाव के नियंत्रण सही से ठीक किया जा सकता है । डायबिटीज के लक्षणों को पहचान बहुत ही आवश्यक है समय पर डायबिटीज इलाज किया जा सके और जटिलताओं से बचा जा सके । यदि आप मोहाली में रहते हैं तो समय रहते डायबिटीज की कार्यवाही के लिए बेस्ट diabetes doctor in Mohali के पास सलाह के ले जाएं, जिससे आपको सक्रिय जीवन जीने में मदद मिले ।
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1: डायबिटीज क्या है और यह क्यों होती है?
डायबिटीज एक मेटाबॉलिक रोग है जिसमें रक्त शुगर का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है ।यह तब होती है जब शरीर में पर्याप्त इंसुलिन नहीं बन पाता या शरीर इंसुलिन का सही प्रयोग नहीं कर पाता इसके मुख्य कारण मोटापा, अनुवांशिकता, जीवन शैली और खराब खान पान होते हैं ।
2: डायबिटीज के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
डायबिटीज के प्रमुख शुरुआती लक्षण है बार-बार पेशाब आना अत्यधिक प्यास और भूख लगा अचानक वजन कम हो जाना, थकान और कमजोरी, धुंधला दिखाई देना, घाव धीरे-धीरे ठीक होना ,हाथ पैरों में झुनझुनी होना इत्यादि । इन लक्षणों को नजरअंदाज ना करें और तुरंत डायबिटीज टेस्ट करवाएं ।
3: डायबिटीज से कैसे बचाव किया जा सकता है?
डायबिटीज के बचाव के लिए वजन कम करें, नियमित व्यायाम करें ,संतुलित आहार लें, जिसमें साबुत अनाज और सब्जियां शामिल हो ,चीनी के पदार्थ से बचें और इसके साथ तनाव कम करें, नींद ले और धूम्रपान और शराब से दूर रहे ।
4: डायबिटीज की जांच कैसे की जाती है?
डायबिटीज की जांच के लिए फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट,Hb1ac टेस्ट जो कि पिछले दो-तीन महीना का औसत ब्लड शुगर बता देता है, और लोक ग्लूकोस टेस्ट जाता है मोनोग्राम
5: डायबिटीज के मरीजों को क्या-क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए ?
डायबिटीज के मरीजों को नियमित रूप से शुगर की जांच करानी चाहिए,आहार और व्यायाम में नियंत्रण में रखें, इसके साथ-साथ पैरों की देखभाल करें, आंखों की नियमित जांच करवाएं और डॉक्टर से नियमित परामर्श लें ।
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